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कलेक्टर ने किया पुस्तक दान: सेवा संकल्प अभियान के तहत सेजेस क्रमांक दो को मिलीं नई किताबें

जांजगीर-चांपा। विद्यार्थियों में अध्ययन एवं पठन-पाठन की आदत को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में कलेक्टर जनमेजय महोबे ने सराहनीय पहल की है। उन्होंने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) क्रमांक दो, जांजगीर को पुस्तकें दान कीं। कलेक्टर की इस पहल से विद्यालय के पुस्तकालय को नई पुस्तकों की सौगात मिली है, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ सामान्य ज्ञान एवं ज्ञानवर्धक सामग्री पढ़ने का अवसर मिलेगा।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह की उपस्थिति में पुस्तकें विद्यालय के प्राचार्य गोविन्द चौरसिया, संकुल समन्वयक दीपक थवाईत एवं व्याख्याता रफीक अली को सौंपीं। इस अवसर पर शिक्षा के महत्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में पुस्तकों की भूमिका पर चर्चा की गई।

कलेक्टर महोबे ने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण साधन हैं। नियमित रूप से पुस्तकों का अध्ययन करने से विद्यार्थियों में विचार करने, समझने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यालय को उपलब्ध कराई गई पुस्तकें विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होंगी तथा उनमें पढ़ने की रुचि को और बढ़ाएंगी।

पुस्तकालय को मिलेगा नया विस्तार

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कलेक्टर द्वारा प्रदान की गई पुस्तकों को विद्यालय के पुस्तकालय में व्यवस्थित रूप से रखा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इनका लाभ उठा सकें। पाठ्यक्रम से इतर ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी पुस्तकों के अध्ययन से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, सामान्य ज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

इस पहल को विद्यार्थियों में ‘पढ़ने की संस्कृति’ विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों का उपयोग विद्यार्थियों की रुचि और आवश्यकता के अनुसार कराया जाएगा।

शिक्षा विभाग ने पहल को बताया प्रेरणादायी

जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह ने कलेक्टर जनमेजय महोबे की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक उपयोगी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है। समाज और प्रशासन के सहयोग से विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं को और बेहतर किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि पुस्तकों की उपलब्धता से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अतिरिक्त विषयों को समझने और अपनी ज्ञान की सीमा बढ़ाने का अवसर मिलेगा। इस तरह की पहल अन्य विद्यालयों में भी पठन-पाठन के वातावरण को मजबूत करने के लिए प्रेरणा दे सकती है।

विद्यालय परिवार ने जताया आभार

पुस्तकें प्राप्त होने पर सेजेस क्रमांक दो के प्राचार्य गोविन्द चौरसिया, संकुल समन्वयक दीपक थवाईत, व्याख्याता रफीक अली एवं एपीसी भूपेन्द्र बंजारा ने कलेक्टर जनमेजय महोबे और जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह के प्रति आभार व्यक्त किया।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि पुस्तकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा और विद्यार्थियों को नियमित पठन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विद्यालय परिवार ने विश्वास जताया कि पुस्तकें विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन, रचनात्मक सोच और शैक्षणिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत हुई यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में प्रशासनिक सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाली है। विद्यालय को मिली पुस्तकों से विद्यार्थियों को जहां ज्ञान के नए स्रोत उपलब्ध होंगे, वहीं पुस्तकालय में अध्ययन का वातावरण भी और समृद्ध होने की उम्मीद है।


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