जांजगीर-चांपा पुलिस में बड़ा फेरबदल: व्यापक तबादलों की सराहना, कुछ क्षेत्रों में और बदलाव की अपेक्षा

जांजगीर-चांपा। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय द्वारा 80 प्रधान आरक्षकों एवं आरक्षकों के स्थानांतरण का आदेश जारी किए जाने के बाद पुलिस विभाग में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल की आमजन एवं विभिन्न सामाजिक वर्गों द्वारा सराहना की जा रही है।
जारी आदेश के अनुसार तीन वर्ष अथवा उससे अधिक समय से एक ही थाना, चौकी अथवा यातायात शाखा में पदस्थ कर्मचारियों को अन्य स्थानों पर पदस्थ किया गया है। प्रशासनिक दृष्टि से इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा नई कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष रूप से यातायात शाखा से बड़ी संख्या में कर्मचारियों को विभिन्न थाना एवं चौकियों में पदस्थ किए जाने को लेकर भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आ रही है। पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि इससे थानों में पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा कानून-व्यवस्था संबंधी कार्यों को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।
वहीं बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही में पुलिस सहायता केंद्र प्रारंभ किए जाने तथा वहां अलग से पुलिस बल की पदस्थापना को ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण इलाकों में पुलिस की पहुंच और त्वरित सहायता व्यवस्था बेहतर होगी।

हालांकि इस व्यापक स्थानांतरण सूची के बाद जिले के कुछ क्षेत्रों में यह चर्चा भी देखने को मिल रही है कि कुछ ऐसे कर्मचारी, जो लंबे समय से एक ही क्षेत्र में कार्यरत हैं, उनके संबंध में भी लोग बदलाव की अपेक्षा कर रहे थे। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों द्वारा शिवरीनारायण थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक तारीकेश पांडे तथा मुलमुला थाना में पदस्थ एएसआई प्रमोद महार सहित अन्य कर्मचारियों के संबंध में भी स्थानांतरण की संभावनाएं जताई जा रही थीं। हालांकि विभागीय आदेश में इनका नाम शामिल नहीं होने से कुछ क्षेत्रों में आश्चर्य एवं चर्चा का माहौल बताया जा रहा है।
यह उल्लेखनीय है कि किसी भी कर्मचारी के संबंध में विभाग द्वारा कोई आधिकारिक प्रतिकूल टिप्पणी अथवा कार्रवाई सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है। ऐसे में उनके स्थानांतरण को लेकर चल रही चर्चाएं स्थानीय अपेक्षाओं और प्रशासनिक निर्णयों के बीच की सामान्य प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही हैं।
फिलहाल जिले में हुए इस बड़े फेरबदल को पुलिस प्रशासन की कार्यकुशलता बढ़ाने तथा कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आमजन की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नई पदस्थापनाओं का प्रभाव जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग पर किस प्रकार दिखाई देता है।









